नया रायपुर, सेक्टर 27 के 18 मल्टी की, हाउसिंग बोर्ड की अनदेखी से स्थिति बद हाल।
1) 18 मल्टी के 14 ब्लॉकों वाले परिसर में 504 घर है। ज्यादातर घरों में किराएदार रहते है और मकान मालिक दूसरे शहरों में, इसी कारण मकान मालिकों द्वारा कोई विरोध दर्ज नहीं हो पाता है। इससे हाउसिंग बोर्ड भी कोई काम नहीं करता।
2) हाउसिंग बोर्ड और एनआरडीए में सुधार कार्य को लेकर,बंटवारे में विवाद है, जिससे कार्य प्रभावित होते आ रहे है।
3) हाउसिंग बोर्ड द्वारा ऑनलाइन पेमेंट व्यवस्था अभी तक चालू नहीं हो पाई है। मकान मालिकों को बकाया भुगतान के लिए परेशानी होती है।
4) परिसर में समस्यों का अम्बार है और सुधार कार्य है
जो होने का नाम नहीं लेते।
5) सीवरेज चैंबर्स का ओवरफ्लो होना, भवनों पर के निकासी पाइप का टूटना
और समय पर न बदले जाने
और पंपमेन की लापरवाही से हजारों लीटर पानी सड़को पर बहता देखा जा सकता है। रहवासियों को
इसी गंदे पानी से होकर जाना मजबूरी है। बदबू फैलती है और मच्छर से बीमारी का खतरा बना रहता है।
6)भवनों से लगे निकासी पाइप की दीवारों पर उगे पेड़ों को नियमित नहीं काटा जाता जिससे दीवाल खोखली हो रही है और बाथरूम की खिड़की नष्ट हो रही है।
7) परिसर के ब्लॉक 8 और 9 पर के गेट की सड़क पर गड्ढे हो गये है जिसमें गटर का पानी जमा रहता है।
8) छत पर लगी पानी टंकी में दरार दिख रही है और कई जगह पेड़ भी उग गये है जिन्हें कभी काटा नहीं जाता। पानी की सफाई के लिए अब कुछ भी नहीं डाला जाता है। टंकी की नियमित सफाई भी नहीं होती।
9) ब्लॉक्स की छत और हर तल में बरसाती पानी की निकासी गलत ढलान के कारण नहीं हो पाती है। पानी
रुका रहता है और सीपेज करता है।
10) लिफ्ट के रखरखाव में भारी कमी के कारण लोग लिफ्ट में फंस जाते है। लिफ्ट के ज्यादातर उपकरण खराब हो चुके है। कुछ ब्लॉक्स की लिफ्ट महीनों से बंद पड़ी है। बिजली जाने से
लिफ्ट को जेनरेटर से स्वयं चालू होना चाहिए पर कुछ ब्लॉक्स की लिफ्ट बिजली जाने पर नहीं चालू होती। आपात अवस्था के लिए कोई समझाइस नहीं दी गई है और लिफ्ट खोलने की चाभी भी नहीं उपलब्ध कराई गई है। लिफ्ट में फंस जाने और लिफ्ट गिर जाने का डर बराबर बना रहता है।
11) अक्सर बिल्डिंग से घरों की खिड़कियों की कांच नीचे गिरती रहती है, दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। खिड़कियों की कांच को बिना लॉकपिन मात्रा पुट्टी लगाया गया है।
12) परिसर में लगी स्ट्रीट लाइट के रखरखाव में कमी है, नियमित ठीक नहीं करते।
जो ब्लॉक्स के लाइट एक बार टूट के नीचे गिर गई वो नहीं बनायी जाती। परिसर में
कई जगह अंधेरा फैला रहता है।
13) ब्लॉक्स के दरवाजों में दीमक लगने के बाद टूट जाते है गायब हो जाते है।
14) हाउसिंग बोर्ड द्वारा ब्लॉक्स को रंगरोगन करने के लिए कुछ प्रस्ताव दिये गये जिनमें A टाइप मकान वाले ब्लॉक के घरों को12500 रुपये और C टाइप वाले घरों के लिए 15000 रुपये प्रति घर प्रस्ताव दिया गया। हाल में प्रधान मंत्री श्री मोदी जी के नया रायपुर आगमन पर,
मुख्य मार्ग से दिखने वाले घरों को आनन फानन में अधुरा रंग किया गया।
15) कचड़ा फेंकने की सुविधा को बंद कर दिया गया है।ब्लॉक्स के हर तल में लगी लोहे की खिड़की से कचड़ा फेंकने की सुविधा को वेल्डिंग करके बंद कर दिया गया है।
16) ब्लॉक्स में आग बुझाने के लिए पूरा सिस्टम लगा है। प्रारंभ से इसको चालू रखने का कभी प्रयास नहीं किया गया। पूरा सिस्टम अलग हो बिखरा पड़ा है।
2012 के बाद से कभी सिलेंडर का नवीनीकरण नहीं किया गया। आग लग जाने पर कौन जिम्मेदार होगा इसपर प्रश्न चिन्ह लग जाता है। कभी मॉक ड्रिल की बात ही नहीं की गई।
17) सेक्टर के सभी घरों में पानी के मीटर लगे है। ब्लॉक्स की हर छत पर एनआरडीए ने पानी की खपत को मापने के लिए अपने मीटर लगवाए है।
18 मल्टी के किसी भी घर में मीटर नहीं लगे है। जिन घर में कोई नहीं रहता उनको भी तय 325 रुपए देना पड़ रहा है। कई घरों की खपत कम है उनको भी तय बिल देना पड़ रहा है। रहवासियों की मांग है कि पानी मीटर हर घर के लिए लगाए जाये।
18) सेक्टर के सभी ब्लॉक्स परिसर में गार्ड्स के लिए, गार्डरूम है और बाथरूम भी है पर 18 मल्टी में यह सुविधा नहीं दी गई है,बड़ी चूक है। इसी तरह अन्य परिसर में मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए गेटों पर पाइप जाली लगी है पर 18 मल्टी में नहीं लगी है। मवेशियों के परिसर में प्रवेश से जमघट लगा रहता है और गंदगी फैलती है।
19) हाउसिंग बोर्ड द्वारा घरों की पानी की लाइन को कट कर बकाया वसूली की चेष्टा की गई जो कि कितना उचित है पर प्रश्न चिन्ह लग जाता है।
20) पीने के पानी के लिए रहवासी एकमात्र नीचे लगे बोरिंग पर निर्भर है। बोरिंग खराब होने पर हाउसिंग बोर्ड पहले बनवाता था अब रहवासियों को खु
द चंदा कर बनवाना पड़ता है।
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