अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर के फिजीशियन डॉ. पुगाझेंथन थंगराजू 27 अक्टूबर को हाँगकाँग से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया के विमान UK 162 में सफर कर रहे थे, उसी विमान में सफर कर रहे 42 वर्षीय यात्री की तबियत उड़ान के दौरन ही बिगड़ गई। उन्हे घबराहट हो रही थी तथा उनके दाहिने हाथ में परेशानी हो रही थी और वो असहज महसूस कर रहे थे।
जब कर्मीदल ने मदद के लिए गुहार लगाई तो डॉ थंगराजू ने त्वरित गंभीरता को समझते हुए उन्हे विमान के दिल्ली में उतरने तक जरुरी चिकित्सा प्रदान करते हुए मरीज यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित की।
डॉ. थंगराजू ने कर्मीदल की भी सराहना की, जिनके सहयोग से आपात स्थिती का निरंतर प्रबंधन में सफलता मिली। इन्होने एयरलाईन कर्मियों तथा चिकित्सा कर्मियों के सामंजस्य के महत्व को भी उजागर किया जो ऐसी गंभीर स्थीति में महत्वपुर्ण होती हैं।
विस्तारा जिसका अब एयर इंडिया के साथ विलय हो चुका है ने उक्त घटना के संबंध में डॉ. थंगराजू की प्रसंसा करते हुए उन्हे आधिकारिक ई-मेल पत्र लिखा है तथा उनकी सराहना की है।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी ले. जन. अशोक जिंदल (रि.) ने नियमित कर्तव्यों से परे जाकर ऐसे कठिन परिस्थिती में चिकित्सिय आचरण के प्रति इनके समर्पण की सराहना की।
एक निजि चैनल को डॉ. थंगराजू ने बताया कि इसके पहले कुछ इसी तरह की घटना के बारे में पढ़ा था जिसमें पीजीआई चंडिगढ़ के डॉक्टर ने अपने सहयात्री की सहायता की थी जिसने इन्हे प्रभीवित किया और इन्हे भी लगा कि अपने साथी चिकित्साकर्मियों को प्रत्साहित करने के लिए इनका समाजिक दायित्व बनता है कि इस घटना के बारे में बताउं।
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